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पलिया में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई नेताजी की 126 वीं जयंती

पलियाकलां(खीरी)। राजनैतिक व सशस्त्र क्रांति के अग्रदूत थे बोस-भाटी जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज में राष्ट्रपुरुष नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 126 वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी।उक्त अवसर पर प्रधानाचार्य कृष्ण अवतार भाटी ने कहा कि नेताजी राजनैतिक व सशत्र क्रांति के अग्रदूत थे।उन्होंने सिविल सेवा से त्यागपत्र देकर त्याग की एक मिशाल कायम की थी।उन्होंने 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में सीतारमैय्या को हराकर अपने राजनैतिक कौशल का परिचय दिया था।उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में धुरी राष्ट्रों के सहयोग से भारत को आजाद कराने का सार्थक प्रयास किया।21 अक्टूबर 1943 को उन्होंने अंतरिम सरकार का गठन भी किया।जिसे जर्मनी,जापान, इटली सहित 9 देशों ने मान्यता भी दी थी।लेकिन अपने लोगों ने नेताजी का साथ नहीं दिया।गृहविज्ञान शिक्षिका आकृति गुप्ता ने कहा कि नेताजी साहस, पराक्रम के प्रतीक थे। उन्होंने जीवन भर भारतमाता को आजाद कराने के लिये सफल प्रयास किये। अर्थशास्त्र शिक्षिका अर्चना शुक्ला ने कहा कि नेताजी का बलिदान भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होना चाहिए।21 अक्टूबर 2021 को भारत के प्रधानमंत्री ने लाल किले पर झंडारोहण कर 21 अक्टूबर को पराक्रम दिवस के रूप मनाने का आह्वान कर नेताजी को जीवंत करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।आज भी नेताजी भारत की युवा शक्ति का आईकॉन हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतमाता व नेताजी के वंदन व अभिनन्दन से हुआ।इस अवसर पर अखिलेश वर्मा,अशोक वाजपेयी, कृतिका वर्मा,माया वर्मा,शालिनी चौधरी,कलाकन्त,अतुल सिंह सहित विद्यालय की तमाम छात्राओं की सार्थक उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी शिक्षिका रचना मिश्रा ने किया।

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