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सफलता एक सतत प्रक्रिया है, लंबे संघर्ष के बाद ही लक्ष्य की प्राप्ति होती है-अमित कुमार डिप्टी एसपी

विधि छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में अपार संभावना -संजना गांधी सिविल जज

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सेन समाज के मेधावियों को आईएएस पीसीएस परीक्षाओ की तैयारी हेतु ऑनलाइन मोटिवेशन सम्पन्न
महरौनी (ललितपुर)– सेन समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को आई ए एस,पीसीएस, डॉक्टर, इंजीनियरिंग, पीसीएस(जे) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए मोटिवेशन विषय पर आज एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन इंजीनिरियर मुकेश चन्द्र रेलवे अधिकारी दिल्ली के मुख्य आतिथ्य व पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी शिशुपाल सिंह की अध्यक्षता एवं संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य के संचालन में सम्पन्न हुआ। मुख्य परामर्श दाता अमित कुमार सविता डिप्टी एसपी ने कहा कि संघर्ष सभी के जीवन में है इसलिए कभी भी अपनी क्षमताओं को कम ना आकेँ, उन्होंने कहा प्रत्येक क्षेत्र में एक्सपर्ट्स की डिमांड है, आपका जुनून और आपका जुझारू पन प्रतियोगी परीक्षाओं में आप को आगे बढ़ाता है ।यह भी कहा कि सामाजिक परिस्थितियों से लड़कर ही हमे आगे बढ़ना होगा। जितना आप कम पड़ेंगे उतना आपको ज्यादा पढ़ना पड़ेगा । मुख्य रूप से कहा कि कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता आप जितना बड़ा काम करेंगे उतना ज्यादा आपको सम्मान मिलेगा ।उन्होंने हार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क की आवश्यकता पर बल दिया और प्रतियोगी छात्रों से अनुरोध किया कि आप भेड़ चाल का हिस्सा ना बने ।उन्होंने बताया कि आप जो भी अध्ययन करें उस पर चिंतन जरूर करें ,जीवन में अपनी प्राथमिकताओं का निर्धारण करें ।सफलता एक सतत प्रक्रिया है एक दिन में किसी भी व्यक्ति को कामयाबी नहीं मिलती ,यदि आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते हैं तो आप अपनी आदतें बदले ।उन्होंने प्रतियोगी छात्रों से कहा कि जुनून से ही आगे बढ़ा जा सकता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर ओर समाज तथा परिवार के उद्धारक की भूमिका निभानी पड़ेगी ।उन्होंने टाइम मैनेजमेंट की भी बात की तथा छात्रों के परिवारी जनों से भी अनुरोध किया कि अपने घर में एक कोना पढ़ने लिखने का बनाकर पढ़ने लिखने का माहौल तैयार करें।
जुडिशल मैजिस्ट्रेट संजना गांधी बिहार ने बताया कि विधि की पढ़ाई कर प्रतियोगी छात्रों को कई विकल्प मिलते हैं ,वह ना केवल जुडिशल सर्विस अपितु लॉ फर्म्स में भी काम कर सकते हैं ।एपीओ की तैयारी कर सकते हैं। लखनऊ से जुड़े गौरव कुमार ने बताया कि प्रतियोगी छात्रों को बड़े सपने देखने होंगे ,तभी सपने पूरे करने की ललक होगी। उन्होंने बताया कि बिना उद्देश्य के लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्होंने स्वयं के नोट्स बनाने की सलाह दी और नियमित आधार पर अध्ययन करने पर बल दिया ।
उन्होंने ने बताया कि अपनी स्मरण शक्ति को प्रखर बनाये एवं लर्निंग प्रोसेस पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के माध्यम से तैयारी को नया आयाम दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान आप अपने प्रयासों में ईमानदार रहें, सत्य के प्रति निष्ठा रखें और नैतिक मूल्य और संस्कारो की रक्षा करें इससे कामयाबी शीघ्र ही आपके कदम चूमने लगेगी। प्रख्यात चिकित्सक डॉ राजेश शर्मा ने मेडिकल सेवाओं के लिए विस्तृत रूप से मार्गदर्शन प्रदान किया, उन्होंने मेडिकल सेवाओं से जुड़ी पुस्तकों के बारे में बताया । अध्ययन प्रक्रिया पर चर्चा की उन्होंने आईआईटी एवं नीट हेतु समय से तैयारी शुरू करने का मंत्र दिया और बताया कि अर्ली स्टार्ट अर्ली सक्सेस मूल मंत्र हैं। मेरठ से जुड़े बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर श्री ओम ने प्रतियोगिता छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए बताया कि आप हाईस्कूल अथवा इंटर करने के बाद से ही डिसीजन ले लें कि आप को किस दिशा में तैयारी करनी है और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। इनकम टैक्स विभाग में प्रीवेंटिव ऑफिसर के पद पर चयनित कनिष्क चौहान ने बताया कि आप दृढ़ निश्चय कर सफल लोगों से मार्गदर्शन लेते हुए कामयाब हो सकते हैं। डॉ प्रदीप शर्मा एमबीबीएस ने छात्रों से कहा कि आप समाज में सदैव सकारात्मक बातों को ग्रहण करिए और नकारात्मक बातों को ना सुनकर अपने लक्ष्य की दिशा में सदैव कार्य करते रहें। ईश्वर चंद्र शर्मा,चकबंदी अधिकारी ने बताया कि सिविल सेवा अथवा न्यायिक सेवा अथवा किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतियोगी छात्र डेढ़ से 2 वर्ष का समय पूरे मनोयोग से तैयारी करें और शेर की तरह लड़कर अपने लक्ष्य की प्राप्ति करें ।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तैयारी के दौरान इन तथ्यों का ध्यान रखें कि क्या पढ़ना है क्या नही पढ़ना है तथा एग्जाम्स की टेक्निक्स के बारे में भी उन्होंने विस्तृत रूप से बताया। मुख्य अतिथि रेलवे ऑफिसर इंजी मुकेश चंद्र दिल्ली ने बताया कि प्रेरणा के मायने अभी भी नहीं बदले हैं समाज के प्रतियोगी छात्रों को सफल लोगों का अनुसरण करके उनके जैसा बनना होगा ।उन्होंने बताया कि अपने शिक्षकों और मेंटर्स की बातों को ध्यान पूर्वक सुने और सदैव समाज सेवा के लिए अपना समय दें। दिल्ली से जुड़े अधिवक्ता मनीष जी ने बताया कि बच्चे देश का भविष्य है और इनका भविष्य संवारने के लिए समाज को अपना सहयोग देना देना होगा। उन्होंने प्रतियोगी छात्रों से अनुरोध किया कि वह अपने आंतरिक निर्माण पर भी जोर दें। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से निवेदन किया कि बच्चों की क्षमताओं को निखारें।

लेखक विनय कुमार ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी विभिन्न फील्ड्स के बारे बताया और विभिन्न कैरियर ऑप्शंस के बारे में अपने विचार रखे। वेविवार में उमेश पवार रक्षा मंत्रालय दिल्ली,रामपाल व्यास गजरौला,प्रदीप शर्मा,जितेंद्र शर्मा,मांगीलाल गोंठिया कलकत्ता, भानु प्रताप सिंह लखनऊ ,चन्द्र भान सेन राज्यपाल पुरुष्कृत पन्ना,विहारी लाल सविता आदि सैकड़ों बच्चों ने प्रतिभाग किया उपस्थित रहें। संचालन संयोजक आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य एवं आभार जितेंद्र शर्मा प्रयागराज ने जताया।

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